शासकीय कन्या महाविद्यालय में गीता जयंती एवं अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य आयोजन

कटनी। संस्कृति संचालनालय भोपाल एवं उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी में गीता जयंती तथा अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय (पुरुषोत्तम योग) का सामूहिक सस्वर पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के कुशल मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम प्रभारी डॉ. विमला मिंज के संयोजन में यह आध्यात्मिक आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवद् गीता के उपदेश जीवन की हर परिस्थिति में मार्गदर्शन करते हैं। विशेष रूप से विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य को संबल प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, “निष्काम कर्म, धैर्य, संयम और आत्मसंयम ही जीवन का सच्चा सार है। गीता हमें सिखाती है कि कर्म को धर्म मानकर बिना फल की चिंता किए निरंतर करते रहना चाहिए।”
कार्यक्रम संयोजक डॉ. विमला मिंज ने गीता के 15वें अध्याय में वर्णित “पुरुषोत्तम योग” के गूढ़ तत्वों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने संसार को उल्टे लटके अश्वत्थ वृक्ष के रूप में वर्णन किया है तथा इसे काटने के लिए आसक्ति रूपी कुल्हाड़ी की आवश्यकता बताई है।
मुख्य आकर्षण रहा श्रीमद् भगवद् गीता अध्याय 15 का सामूहिक सस्वर पाठ। इसका सीधा प्रसारण महाविद्यालय परिसर में किया गया। पाठ में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि विद्वान, स्ववित्‍तीय अतिथि विद्वान, कार्यालय स्टाफ तथा सैकड़ों छात्राओं ने एक स्वर में भाग लिया। पूरा सभागार “ॐ सह नाववतु…” से लेकर “ॐ तत्सदिति श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु…” तक गूंजायमान रहा।
पाठ के पश्चात छात्राओं ने भक्ति भाव से श्रीकृष्ण के मधुर भजन प्रस्तुत किए तथा राधा-कृष्ण की लीलाओं पर आधारित भावपूर्ण नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर गीता का प्रेरणा गीत, सरस्‍वती वंदना, गुरू वंदना, ईशवंदना का वाचन किया गया ।
इस अवसर पर डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, श्री के.जे. सिन्हा, श्रीमती बंदना मिश्रा, डॉ. रोशनी पाण्डेय, श्री विनेश यादव, सुश्री मिथलेश्वरी, श्री नागेंद्र यादव, श्री पंकज सेन, डॉ. अनिल द्विवेदी, डॉ. रंजना वर्मा, डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. अशोक शर्मा,  भीम बर्मन,  प्रेमलाल कॉवरे, श्रीमती प्रियंका सोनी, श्रीमती स्मृति दहायत, श्रीमती सृष्टि श्रीवास्तव, श्रीमती नम्रता निगम, डॉ. सोनिया कश्यप, श्रीमती रिचा दुबे, श्रीमती श्वेता कोरी, श्रीमती देववती चक्रवर्ती, डॉ. प्रतिमा सिंह, श्रीमती रत्नेश कुशवाहा, डॉ. वंदना चौहान, श्रीमती मीनाक्षी वर्मा, श्री इमरान मोहम्मद, श्रीमती सुषमा वर्मा सहित महाविद्यालय का समस्त शिक्षक वर्ग एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में 01 से 03 दिसंबर 2025 तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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