जमीन के सीमांकन और नामांतरण के काम के लिए पटवारी यादवेन्द्र सिंह ने मांगी रिश्वत, जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत कर पीड़ितों ने की कार्रवाई की मांग

कटनी। बरही तहसील में पदस्थ पटवारी यादवेन्द्र सिंह के द्धारा काम के बदले रिश्वत की मांग करने की दो अलग-अलग शिकायत आज जनसुनवाई में कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से की गई। शिकायतकर्ताओं ने शिकायतों की जांच कराते हुए पटवारी पर कार्रवाई की मांग की है। पहली शिकायत ग्राम पंचायत सलैया सिहोरा के ग्राम केवलारी निवासी दो सगे भाई सत्येन्द्र सिंह व योगेन्द्र सिंह पिता उदयभान सिंह के द्धारा की गई है। जिसमें कहा गया है कि पटवारी हल्का नं-18 ग्राम मुख्यालय सलैया सिहोरा के अंतर्गत 30 अप्रैल 2025 को ग्राम केवलारी स्थित खसरा नं 254/1 रकवा 0.40 हेक्टेयर भूमि नापर्ने हेतु लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से सीमांकन आवेदन दिया गया था। जिसके आधार पर 30 अप्रैल 2025 को नापने हेतु न्यायालय तहसीलदार बरही के आदेशानुसार पटवारी यादवेन्द्र सिंह से 2 मई 2025 को दोनो भाई मिले और पटवारी से उपरोक्त खसरे की भमि नाप हेतु आग्रह किया। जिस पर आवेदकों को पटवारी ने यह हिदायत दी गई कि ठीक है आपकी जमीन मे नापकर बता दूंगा परंतु मुझे बार बार फोन न करना क्योंकि मैं अपनी मर्जी अनुसार काम करता हूं। मैं टाईम भी अपने हिसाब से तय करता हूं। नाप करनें में टाईम और मेहनत दोनो लगता है। महत्वपूर्ण स्थान पर आपकी यह भूमि है खर्चा तो देना पड़ेगा इसलिये कम से कम दस हजार रूपया आपको मुझे देना पड़ेगा। हमनें आरआई के सामने नाम कराने की मांग की तो पटवारी ने कहा कि आरआई को बुलाओगे तो और खर्चा बढ़ जाएगा। पटवारी ने कहा कि पैसों का इंतजाम करकें मुझे जब आप दे देंगें तो मंै आपकी जमीन नाप दूंगा। अगर पैसा नहीं दोगे तो मैं अपनी मनमानी से जमीन नापूंगा और 10 आरे जमीन कम भी कर दूंगा और अगर आप नेतागिरी में नाप करना चाहते हैं तो असंभव है। पटवारी का कहना था कि न मैं नेताओं की मानता हूं ना ही किसी अधिकारी के कहनें पर कोई काम करता हूं, मंै स्वतंत्र हूं। पटवारी का यह भी कहना था कि चाहे तहसीलदार हो या एसडीएम और चाहे कलेक्टर हो मैं किसी के दबाब में कोई काम नहीं करता। पटवारी ने यह भी कहा कि फ्री में नाप का दबाव बनाना चाहते हों तो फिर रोते रहोगें दस डिस्मिल रकवा घुमाफिराकर बगल बाले की तरफ निकाल दूंगा ध्यान रखना। पटवारी द्वारा 11 जून 2025 की सीमांकन की तारीख भी तय करनें की चौहददी के किसानों को सूचना भी देने के बाद भी पटवारी नाप करनें नहीं पहुंचे ना ही कोई जानकारी दी गई। शिकायतकर्ता सगे भाइयों का आरोप है कि इस तरह से पटवारी यादवेन्द्र सिंह ने धमकी दिया और आज तक नाम नहीं किया। बार बार आग्रह करनें पर भी नाप नहीं कर रहे है, उल्टा हम दोनों भाईयों एवं पिता को धौंस धमकी देकर कहते है मै मिलेट्री से आया हूं, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता, मैं शौकबश नौकरी करता हूं। पटवारीगिरी मेरा शौक है मेरे बारे में पता कर लेना मैं घर से सक्षम हूं मेरे हाईवा चलते हैं, मुझे पचपन हजार पेंशन मिलती हैं। मैं खुद अपनें ड्रायवरों को 40-40 हजार वेतन देता हूं। गाडी बंगला भूमि जायजाद का इस इलाके में सबसे धनी आदमी हूं, मैं किसी के दबाब में नहीं आता। कई बडे नेताओं को में जेब में लेकर चलता हूं, इस बात का ध्यान रखना। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से दोनों भाइयों ने शिकायत की जांच कराते हुए पटवारी पर कार्रवाई की मांग की है।

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