भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वाधान में वसुधैव कुटुंबकम पर गीत एवं नृत्य प्रतियोगिता  शासकीय कन्या महाविद्यालय में

कटनी।शासकीय कन्या महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वाधान में तथा उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार “वसुधैव कुटुंबकम” विषय पर गीत एवं नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और शिक्षा की मूल भावना में निहित वसुधैव कुटुंबकम के महत्व को उजागर करना था। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अवधारणा न केवल ज्ञान-विज्ञान के आदान-प्रदान पर बल देती है, बल्कि जीवन में नैतिकता, अनुशासन और मानवीय मूल्यों के समावेश को भी आवश्यक मानती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और वंदना के साथ हुआ। अपने उद्बोधन में डॉ. प्रभात ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है, जो विश्व बंधुत्व और सार्वभौमिक शांति का संदेश देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे वसुधैव कुटुंबकम की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करें।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एकल नृत्य में शिवानी मिश्रा ने प्रथम, सृष्टि पाण्डेय ने द्वितीय तथा शिक्षा शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समूह नृत्य में नीलम ग्रुप ने प्रथम, शिवानी ग्रुप ने द्वितीय और तनीषा ग्रुप ने तृतीय स्थान हासिल किया। एकल गायन में वंदना सिंह प्रथम, ऋषिका राज द्वितीय तथा भूमि बैरागी तृतीय स्थान पर रहीं। समूह गायन में आकांक्षा ग्रुप ने प्रथम स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि भारतीय संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. किरण खरादी, डॉ. रोशनी पाण्डेय, डॉ. अशोक शर्मा, श्री भीम बर्मन, श्री प्रेमलाल कॉवरे, श्रीमती रिचा दुबे, डॉ. वंदना चौहान, श्रीमती स्मृति दहायत, श्रीमती नम्रता निगम, श्रीमती आरती वर्मा, डॉ. प्रतिमा सिंह, श्रीमती सृष्टि श्रीवास्तव, डॉ. श्रद्धा वर्मा, डॉ. अनिका वालिया, डॉ. मैत्रेयी शुक्ला, श्रीमती श्वेता कोरी, डॉ.अपर्णा मिश्रा, सुश्री पूजा सिंह राजपूत, सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से कार्यक्रम और अधिक प्रभावशाली बना।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीना मिश्रा ने कुशलतापूर्वक किया। भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. साधना जैन एवं श्रीमती प्रियंका सोनी का विशेष सहयोग रहा। उनके समन्वय और प्रयास से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम बना, बल्कि भारतीय परंपरा और “वसुधैव कुटुंबकम” की जीवनदायी शिक्षा का संदेश भी संप्रेषित कर गया।

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