लघु उद्योग भारती ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया एमएसएमई-केंद्रित सुधारों और वैश्विक क्षमता निर्माण के दृष्टिकोण की सराहना

कटनी।लघु उद्योग भारती (LUB), जो देश के 590 से अधिक जिलों में सक्रिय एक अखिल भारतीय संगठन है तथा 65,000 से अधिक विनिर्माण MSME इकाइयों का प्रतिनिधित्व करता है, केंद्रीय बजट 2026-27 का हार्दिक स्वागत करता है। लघु उद्योग भारती माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण, भारत सरकार तथा उनकी संपूर्ण टीम को हार्दिक बधाई देता है, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर इस ऐतिहासिक बजट को संकलित किया। यह बजट राष्ट्रीय कर्तव्यों (कर्तव्य भाव) और समावेशी आर्थिक विकास के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

लघु उद्योग भारती सरकार द्वारा संगठन की कई दीर्घकालिक मांगों को स्वीकार किए जाने के लिए विशेष आभार व्यक्त करता है, विशेषकर वे मांगें जो MSME और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने से संबंधित हैं। यह बजट MSME विकास, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, ईज़ ऑफ कंप्लायंस, व्यापार की लागत में कमी तथा MSME चैंपियंस के निर्माण पर स्पष्ट रूप से केंद्रित है।

बजट में स्वीकृत लघु उद्योग भारती की प्रमुख मांगें

लघु उद्योग भारती निम्नलिखित महत्वपूर्ण मांगों की स्वीकृति का स्वागत करता है:

• TReDS को GeM पोर्टल से जोड़ना, जिससे MSME आपूर्तिकर्ताओं को समय पर भुगतान, बेहतर नकदी प्रवाह और बकाया राशि की शीघ्र प्राप्ति सुनिश्चित होगी।

• परंपरागत (लेगेसी) औद्योगिक क्लस्टरों का पुनरुद्धार, जिसमें प्रौद्योगिकी उन्नयन, कॉमन फैसिलिटी सेंटर तथा उत्पादकता वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया गया है।

• लखपति महिला योजना, जो महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने, पारिवारिक आय बढ़ाने और महिला-नेतृत्व वाले MSME के विस्तार में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

• क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) से संबंधित प्रतिबंधों एवं आदेशों का युक्तिकरण, जो लघु उद्योग भारती की लंबे समय से लंबित मांग थी। इससे भारतीय MSME की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी तथा अनावश्यक अनुपालन बोझ कम होगा।

MSME के लिए वित्तीय एवं ऋण सहायता

यह बजट MSME की दीर्घकालिक ऋण समस्याओं का समग्र समाधान प्रस्तुत करता है:

• ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड, जिससे उच्च क्षमता वाले MSME को इक्विटी सहायता मिलेगी और वे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ सकेंगे।

• सेल्फ रिलायंट इंडिया (SRI) फंड में ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी, जिससे सूक्ष्म उद्यमों को डॉटर फंड के माध्यम से समर्थन मिलेगा।

• डिजिटल क्रेडिट असेसमेंट मॉडल (CAM), जो लेन-देन और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर ऋण मूल्यांकन करेगा तथा गिरवी पर निर्भरता कम करेगा।

• CPSE के लिए TReDS पर अनिवार्य ऑनबोर्डिंग, जिससे MSME को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।

विनिर्माण, अवसंरचना एवं निर्यात प्रतिस्पर्धा

लघु उद्योग भारती विनिर्माण आधारित विकास पर दिए गए विशेष बल का स्वागत करता है, जिसमें शामिल हैं:

• 200 परंपरागत औद्योगिक क्लस्टरों का पुनरुद्धार

• सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास, जिससे औद्योगिक नीति और शहरी नियोजन का एकीकरण होगा।

• ₹10,000 करोड़ का कंटेनर एवं उपकरण विनिर्माण प्रोत्साहन, जिससे आयात निर्भरता कम होगी और लॉजिस्टिक्स ढांचा मजबूत होगा।

इस संदर्भ में, लघु उद्योग भारती भारतीय शिपिंग लाइन एवं जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास की सशक्त अनुशंसा करता है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, लॉजिस्टिक्स में आत्मनिर्भरता आएगी और MSME के लिए निर्यात लागत में उल्लेखनीय कमी होगी।

कर, अनुपालन एवं नियामक सुधार

लघु उद्योग भारती निम्नलिखित पहलों का स्वागत करता है:

• कॉर्पोरेट मित्र योजना, जो सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के अनुपालन व्यय को कम करने में सहायक होगी।

• लघु आर्थिक अपराधों का अपराधमुक्तिकरण तथा दंड को शुल्क में परिवर्तित करना, जो विश्वास-आधारित शासन को सुदृढ़ करता है।

• सीमा शुल्क का युक्तिकरण, उलटी शुल्क संरचना में सुधार तथा तेज़ GST रिफंड, जिससे कार्यशील पूंजी मुक्त होगी।बैंकिंग सुधार एवं अपेक्षाएं बैंकिंग सुधारों हेतु उच्चस्तरीय समिति की घोषणा से बैंकिंग प्रक्रियाओं के युक्तिकरण, दस्तावेजीकरण में सरलता तथा MSME-अनुकूल ऋण प्रणाली को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। लघु उद्योग भारती इस समिति में अपना प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग करता है, ताकि जमीनी स्तर की MSME वास्तविकताओं को नीतिगत निर्णयों में शामिल किया जा सके। भविष्य की पीढ़ियों के लिए भारत की तैयारी – सक्षम भारत की ओर लघु उद्योग भारती संतोष व्यक्त करता है कि यह बजट भविष्य उन्मुख और पीढ़ीगत दृष्टिकोण वाला है।यूनिवर्सिटी टाउनशिप, बायोफार्मा शक्ति, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन,u इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, नए स्किलिंग फाइनेंस मॉडल, AI, उन्नत प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और डिजिटल इकोसिस्टम को प्राथमिकता, शिक्षा हेतु सामाजिक अवसंरचना, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार तथा आयुर्वेद उत्पादों के प्रोत्साहन से यह स्पष्ट है कि बजट देश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक भूगोल को स्पर्श करता है।यह समग्र दृष्टिकोण “सक्षम भारत” के निर्माण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है — एक ऐसा भारत जो सक्षम, कुशल, नवाचारी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी हो।

विकसित एवं विश्वगुरु भारत का दृष्टिकोण लघु उद्योग भारती का दृढ़ विश्वास है कि यह बजट वैश्विक स्तर पर क्षमता निर्माण का बजट है, जो भारत को एक विनिर्माण महाशक्ति, निर्यात अग्रणी और 2047 तक विश्वगुरु भारत के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव रखता है — जहाँ सशक्त MSME, मजबूत विनिर्माण, कुशल मानव संसाधन और विश्वास-आधारित शासन मुख्य आधार होंगे।लघु उद्योग भारती इन परिवर्तनकारी उपायों के प्रभावी और समयबद्ध कार्यान्वयन हेतु भारत सरकार के साथ निरंतर रचनात्मक सहभागिता की अपेक्षा करता है।

 

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