कटनी। सिद्ध सन्यासी वीर अघोरी बाबा स्थान में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीशिव महापुराण कथा का विश्राम दिवस श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कथा व्यास पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में कथा के अंतिम दिवस पर वेद स्तुति, नवयोगेश्वर संवाद, रुद्राक्ष की महिमा बिल्वपत्र की महिमा के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास ने कहा कि शिवपुराण कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में भक्ति, संस्कार और वैराग्य को अपनाने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि कथा श्रवण से मनुष्य के विकार दूर होते हैं और ईश्वर भक्ति की प्राप्ति होती है। अंतिम दिवस पर भगवान शिव पार्वती श्रद्धा और विश्वास प्रेम के प्रतीक का प्रसंग सुनाते हुए आचार्य श्री ने त्याग, संतोष और सच्ची भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक दुखी वही है जिसकी इच्छाएं कभी समाप्त नहीं होतीं।
कथा में वेद स्तुति और नवयोगेश्वर संवाद के माध्यम से भक्ति, ज्ञान, माया और मोक्ष के विषय में विस्तार से बताया गया। हरि-भक्ति और भगवान के स्मरण की महिमा का वर्णन किया गया।
कथा के दौरान भजनों और कीर्तनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा विश्राम पर महाआरती एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु ओ की भीड़ रही
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