साइबर ठगी के अंतर्राज्यीय गिरोह के दो और सदस्य गिरफ्तार 1.88 लाख रुपये की ठगी के मामले में कुठला पुलिस की कार्रवाई, किशोर को भी अभिरक्षा में लिया

कटनी। साइबर ठगी के मामले में कुठला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में शामिल 17 वर्ष 10 माह के विधि-विरुद्ध किशोर को भी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और ब्लैंक चेक जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार कछंगवा निवासी अंकित राय ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके भारतीय स्टेट बैंक, मुड़वारा शाखा के खाते से उसकी जानकारी और सहमति के बिना यूपीआई के माध्यम से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 90 हजार और 98 हजार रुपये, कुल 1 लाख 88 हजार रुपये अज्ञात खातों में स्थानांतरित कर दिए गए। शिकायत के आधार पर कुठला थाने में अपराध क्रमांक 425/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, यूपीआई आईडी, मोबाइल नंबर सहित अन्य डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस ने राजस्थान निवासी कुलदीप सिंह सोलंकी और शुभम मीणा उर्फ सानू को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में साइबर ठगी से जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।
इसके बाद इंदरगढ़, जिला बूंदी राजस्थान निवासी 17 वर्ष 10 माह के विधि-विरुद्ध किशोर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसके द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार किया गया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन एवं ब्लैंक चेक जब्त किए गए। किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल सुधार गृह जबलपुर भेज दिया गया।
मामले में पुलिस ने विशाल प्रजापति पिता श्यामलाल प्रजापति, उम्र 24 वर्ष, निवासी राजा खेड़ी थाना सरसी जिला रतलाम, हाल निवासी जावरा जिला रतलाम को भी गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन तथा कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में की गई।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका: थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया, प्रधान आरक्षक अजीत मिश्रा, आरक्षक पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, आरक्षक विवेक शुक्ला, साइबर सेल कटनी एवं अन्य पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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