कटनी। शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026 के अंतर्गत ‘भारत में शिक्षा का भविष्य’ विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों, तकनीकी नवाचार और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास का आधार है। वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का विकास करना भी है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा, डिजिटल तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने शिक्षा के बदलते स्वरूप, तकनीकी नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भविष्य की शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान, समस्या समाधान की क्षमता और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
पैनल चर्चा के दौरान छात्राओं ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिक्षा, तकनीक के बढ़ते उपयोग, महिला शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार के अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। चर्चा के माध्यम से छात्राओं को अपनी बात तर्कपूर्ण ढंग से रखने तथा विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिला।
कार्यक्रम में शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। आयोजन ने छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं के प्रति जागरूक करते हुए आत्मनिर्भर बनने तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा के भविष्य पर पैनल चर्चा, छात्राओं ने रखे विचार शासकीय कन्या महाविद्यालय में अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026 के तहत हुआ आयोजन

