कविता पंकज राय को मिल सकता है निगम-मंडल या संगठन में बड़ा दायित्व, भाजपा सदस्यता अभियान 2024 में कटनी की जिला पंचायत सदस्य ने रचा था इतिहास, महिलाओं में सबसे अधिक 13031 सदस्य बनाने वाली अग्रणी कार्यकर्ता रहीं

कटनी। भारतीय जनता पार्टी द्वारा वर्ष 2024 में चलाए गए संगठन पर्व सदस्यता अभियान ने प्रदेशभर में व्यापक प्रभाव डाला, लेकिन इस अभियान की सबसे सशक्त और प्रेरणादायक भूमिका कटनी जिले से सामने आई है, जहां कविता पंकज राय ने महिला कार्यकर्ताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर संगठन को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने अकेले 13031 सदस्य बनाए, जिनमें से 7781 सदस्य ऑनलाइन और 5250 ऑफलाइन शामिल किए गए। इनका सदस्यता रेफरल कोड R8PAWO रहा।

कविता राय, जो वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य (क्षेत्र क्र. 4 – सिलौड़ी, तहसील ढीमरखेड़ा) हैं, विगत कई वर्षों से भाजपा की निष्ठावान और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में निरंतर कार्य कर रही हैं। वे सहकारिता एवं उद्योग की सभापति होने के साथ-साथ जिला योजना समिति की सदस्य भी हैं। कटनी के दूरस्थ ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में संगठन के प्रति जिस समर्पण से उन्होंने कार्य किया है, वह उन्हें भाजपा के उभरते चेहरों में शुमार करता है।

वे बड़वारा विधानसभा एवं शहडोल लोकसभा के अंतिम छोर पर बसे ग्राम सिलौड़ी से राजनीति और समाजसेवा का नेतृत्व कर रही हैं। यह इलाका ओबीसी और आदिवासी बाहुल्य है, जहां आज भी बिजली, मोबाइल नेटवर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। ऐसे क्षेत्रों में जाकर महिला कार्यकर्ता द्वारा संगठन के लिए सदस्यता अभियान चलाना अपने आप में साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचायक है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और भाजपा के जमीनी स्तर के वरिष्ठों की यह खुली मांग है कि कविता पंकज राय को संगठन या शासन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए, जिससे वे अपने अनुभव, समर्पण और मेहनत को प्रदेश और देश के हित में और व्यापक स्तर पर लागू कर सकें।

कविता राय का जन्म 10 फरवरी 1980 को हुआ। उन्होंने वर्ष 2004 में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से एम.एस.सी. (रसायन शास्त्र) की डिग्री प्राप्त की। वे कटनी के बरगवां स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 07, नदीपार, राम मनोहर लोहिया वार्ड में निवास करती हैं, जबकि उनका मूल गांव सिलौड़ी है। उनके पति पंकज राय एक शासकीय ए-क्लास ठेकेदार एवं ट्रांसपोर्टर हैं।उनकी राजनीतिक सक्रियता कोई नई बात नहीं है। छात्र जीवन में ही उन्होंने राजनीति में कदम रखा और वर्ष 1999 में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के इकाई अध्यक्ष रहे। तभी से वे संगठनात्मक कार्यशैली, अनुशासन और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध बने रहे। लउनका सामाजिक कार्य भी उतना ही उल्लेखनीय है जितना उनका राजनीतिक जीवन। वर्ष 2005 की भयावह बाढ़ में पीड़ितों के लिए भोजन, दवाई एवं आवास की व्यवस्था कर उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की।
कोविड महामारी के दौरान कटनी में बाहर से आए हजारों लोगों को भोजन, पानी, ठहरने और सुरक्षित यात्रा की सुविधाएं दिलवाईं।
हैहय क्षत्रिय कल्चुरी महासभा, कटनी की वे वर्तमान में जिला अध्यक्ष हैं और समाज के विभिन्न आयामों में सक्रिय नेतृत्व कर रही हैं।

उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की गाथा कहती है।

उनके बड़े पिता चंद्रभान राय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया।उनके दादा स्व. रघुनाथ प्रसाद राय भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।श्रीमती राय का परिवार तीन पीढ़ियों से देश की सेवा के लिए निरंतर समर्पित चला आ रहा है।उनके ससुर प्रताप भानु राय, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हैं और “जंगे-आजादी” नामक पुस्तक के लेखक हैं।
उनकी सासू मां विमला राय जिला सहकारी भूमि विकास बैंक, जबलपुर की पूर्व उपाध्यक्ष रहीं। विगत दो दशकों से कविता राय ने भाजपा के हर छोटे-बड़े अभियान – चाहे वह लोकसभा हो, विधानसभा हो या स्थानीय निकाय चुनाव – में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने न केवल संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया, बल्कि सैकड़ों युवाओं को पार्टी से जोड़ने में भी सक्रिय रही हैं।वर्तमान में जब भाजपा आगामी चुनावों की तैयारी कर रही है, तो ऐसे समर्पित और कार्यकुशल महिला नेतृत्व को संगठन या शासन के स्तर पर दायित्व सौंपना एक सकारात्मक संदेश देगा। यह न केवल महिला कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि भाजपा के सामाजिक न्याय एवं सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र को भी और अधिक मजबूती देगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्त्ताओं ने कहा की मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने घोषणा की है की जो कार्यकर्त्ता संघठन के लिए कार्य करेगा उसे ही दायित्व दिया जायेगा, कविता पंकज राय एक सक्रिय और संघठन के लिए समर्पित कार्यकर्त्ता हैं,अतः श्रीमती राय को निगम मण्डल या सगठन का कोई बड़ा दायित्व दिया जाना सगठन को मजबूती प्रदान करेगा। कविता पंकज राय जैसी कर्मठ, अनुभवी और जमीनी कार्यकर्ता को यदि उचित मंच और जिम्मेदारी मिलती है, तो निश्चित रूप से वे अपने नेतृत्व से संगठन और समाज, दोनों को नई दिशा दे सकती हैं।

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