*किसान भाई ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर तक करा सकेंगे पंजीयन कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश कृषि उपज मंडी में भी किसान करा सकते हैं पंजीयन*

कटनी।सोयाबीन खरीफ वर्ष 2025 (विपणन वर्ष 2025-26) में भावांतर भुगतान योजनांतर्गत किसान भाई ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर तक समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की बिक्री हेतु पंजीयन करा सकते हैं। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने किसानों की सुविधा के मद्देनजर सहकारी विपणन मर्यादित कटनी,कृषि उपज मंडी को पंजीयन केंद्र निर्धारित किया है।कलेक्टर आशीष तिवारी ने सोयाबीन के भावांतर भुगतान योजना का नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्र को और सहायक नोडल अधिकारी उपसंचालक कृषि डा रामनाथ पटेल को नियुक्त किया है।भारत सरकार की प्राईस डिफिसिट पेमेंट स्कीम भावान्तर योजना के तहत मंडी में सोयाबीन विक्रय अवधि 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक रहेगी।किसानों के भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी।

कलेक्टर श्री तिवारी ने पंजीयन हेतु प्रचार -प्रसार, मंडी खरीदी व्यापारियों के स्टॉक का सत्यापन, भुगतान, मंडी मे एफ ए क्यू ग्रेड सोयाबीन के भाव की निगरानी, खरीदी की प्रक्रिया कैमरों ,वीडियों की निगरानी में सपन्न कराने, व्यापारियों को एफ ए क्यू ग्रेड पर घोष विक्रय करवाने, व्यापारियों द्वारा लगाई जा रही घोष विक्रय पर निगरानी रखी जाने, मंडी में लायसेंसधारी व्यापारियों की बैठक आयोजित करनें एवं अन्य भांवांतर भुगतान योजनांतर्गत समस्त कार्यों हेतु जिला स्तरीय नोडल अधिकारी की नियुक्ति के साथ- साथ 10 सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति में प्रमोद चतुर्वेदी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भारसाधक अधिकारी कृषि उपज मंडी कटनी,सज्जन सिंह परिहार जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी , आनन्द पाण्डेय जिला विपणन अधिकारी,राजयशवर्धन कुरील सहायक आयुक्त सहकारिता, योगेन्द्र सिंह सेंगर जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयर हाउस एंड लाजिस्टिक्स कारपोरेशन, प्रफुल्ल श्रीवास्तव जिला सूचना एवं विज्ञान केन्द्र, अरविन्द पाठक प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, देवेन्द्र तिवारी जिला प्रबंधक म.प्र.स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड और किशोर कुमार नरगावें सचिव कृषि उपज मंडी कटनी शामिल हैं। भावांतर योजना*, *एक नजर में*
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसल के लिए भावांतर योजना वर्ष 2018-19 से लागू की गई है। भारत सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव,विक्रय मूल्य अंतर की राशि कृषकों को दिलवाने का प्रावधान किया है। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव,विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जायेगा। किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए किसान का उत्पादन मॉडल भाव 4600 रूपए पर हुआ है तो समर्थन मूल्य 5328 में से शेष अर्थात् भावांतर राशि 628 रूपए प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। किसान को समर्थन मूल्य बराबर ही राशि प्राप्त होगी। यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य एमएसपी से कम है परंतु राज्य के औसत मॉडल प्राइज के समतुल्य है, ऐसी स्थिति में भी किसान को एमएसपी और बिक्री मूल्य के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। तीसरी स्थिति में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य के औसम मॉडल प्राइस से कम होने की दिशा में किसान को एमएसपी और घोषित औसत मॉडल प्राइस के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। प्रत्येक स्थिति में किसान का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

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