कटनी। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर विजयराघवगढ़ पुलिस ने वन भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने ग्राम कारीतलाई, पिपरा, बम्हौरी, कुसमा और गुड़ेहा क्षेत्र में वन विभाग की भूमि का भौतिक निरीक्षण कर अतिक्रमण वाले स्थानों को चिन्हित किया।
पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि उक्त क्षेत्रों में कुछ बाहरी लोगों द्वारा वन भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया तथा वहां मौजूद लोगों को पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने और सत्यापन के लिए थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
इसी कार्रवाई के तहत मंगलवार 22 सितंबर को करीब 250 महिला-पुरुष विजयराघवगढ़ थाना परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने आधार कार्ड सहित अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज और मोबाइल नंबर पुलिस को उपलब्ध कराए। पुलिस द्वारा इनका सत्यापन किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान राज्य वन विकास निगम के रेंज ऑफिसर श्री नायडू एवं उनकी टीम भी थाना परिसर में मौजूद रही।
पुलिस ने वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को समझाइश देते हुए कहा कि वन भूमि पर अतिक्रमण करना अवैध है तथा संबंधित लोगों को शीघ्र भूमि खाली करने की हिदायत दी गई। पुलिस के मुताबिक सत्यापन के दौरान सामने आया है कि संबंधित लोग मुख्य रूप से मैहर, सतना, रीवा, सीधी और शहडोल जिलों के निवासी हैं। पुलिस द्वारा उनके दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं एसडीओपी वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन तथा विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में की गई।
वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों पर विजयराघवगढ़ पुलिस की कार्रवाई, 250 लोगों का कराया सत्यापन

