कटनी।युवा कॉंग्रेस के प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसे मूल क्षेत्रों की अनदेखी कर मोदी सरकार का बजट सिर्फ़ कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देता है।यह जनहित नहीं, विशेष हितों का बजट है। 2026 का बजट एक साफ़ संदेश देता है:गाँव, किसान और खेती अब सरकार की प्राथमिकताओं से बाहर हैं। पहली बार ऐसा बजट, जिसमें किसान का नाम तक नहीं— न सिंचाई, न खाद, न खेतिहर मज़दूर। यह चूक नहीं, राजनीतिक घोषणा है।
*इस बार बजट खाली झुनझुने की तरह है, जिसमें आवाज़ भी ना हो और सुनाई भी ना दे”-दिव्यांशु मिश्रा अंशु*

