*शहर की जल व्यवस्था पर महापौर सख्त, समीक्षा बैठक के साथ किया जल संयंत्रों का निरीक्षण ग्रीष्मकाल को देखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर, अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग के निर्देश*

कटनी – आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए शहर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी द्वारा मंगलवार, 17 मार्च को एमआईसी सदस्य एवं संबंधित अधिकारियों के साथ जल व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक से पूर्व महापौर द्वारा शहर के बैराज एवं जल शोधन संयंत्रों का निरीक्षण भी कर जल संग्रहण, जल उपलब्धता, फिल्ट्रेशन एवं शुद्धिकरण व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान महापौर ने अमकुही स्थित 20 एमएलडी एवं सुरम्य पार्क के समीप स्थित 9 एमएलडी जल शोधन संयंत्रों की कार्यप्रणाली ,फिल्टर यूनिट्स, ब्लीचिंग डोजिंग सिस्टम, एयर कंप्रेसर मशीन एवं जल शुद्धिकरण की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि किस प्रकार कच्चे पानी को विभिन्न चरणों से गुजारकर शुद्ध एवं पेय योग्य बनाया जाता है।

महापौर ने संयंत्रों में संधारित स्टॉक रजिस्टर का भी अवलोकन किया एवं निर्देशित किया कि सभी आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे, जिससे जल शुद्धिकरण प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित होती रहे।

इस दौरान एमआईसी सदस्य सर्व श्री उमेंद्र अहिरवार, सुभाष साहू, जयनारायण निषाद एवं प्रभारी कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा, उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

*जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर बढ़ी सक्रियता, सभी पहलुओं की हुई समीक्षा*

महापौर श्रीमती सूरी ने जल व्यवस्था की समीक्षा बैठक लेते हुए बैराज की वर्तमान स्थिति, टैंकर एवं ट्रैक्टर के माध्यम से जल आपूर्ति, ट्यूबवेल की स्थिति, वार्डों में पानी सप्लाई का समय, टंकियों की स्थिति, निगम सीमांतर्गत लगाए जा रहे प्याऊ, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, पानी की गुणवत्ता हेतु जांच, खदानों में जल उपलब्धता तथा नए कनेक्शनों की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की। इसके साथ ही अमृत योजना-2 के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों व वार्डों में जल व्यवस्था से संबंधित कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल में बढ़ती जल मांग को देखते हुए पूर्व से ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, रख-रखाव एवं तकनीकी निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, फिल्टर प्लांट्स की समय-समय पर सफाई, मशीनों के सुचारु संचालन एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।

महापौर ने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है, अतः सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएं।

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