*ग्रीष्मकालीन अवकाश बन रहा सृजन का अवसर: निगम विद्यालयों में ‘प्रतिभा शिविर’ के माध्यम से तराशी जा रही भावी पीढ़ी तीन विद्यालयों में 11 दिवसीय प्रशिक्षण से विद्यार्थी हो रहे लाभान्वित ‘खेल से कौशल तक’ की संकल्पना साकार अनुभवी प्रशिक्षकों के सानिध्य में व्यक्तित्व विकास की नई इबारत लिख रहे छात्र-छात्राएं*

कटनी – ग्रीष्मकालीन अवकाश को ‘अवकाश’ न मानकर ‘अवसर’ में परिवर्तित करने के संकल्प को लेकर नगर पालिक निगम कटनी द्वारा संचालित ग्रीष्मकालीन प्रतिभा शिविर 2026 विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है। निगम के तीन प्रमुख विद्यालयों में15 जून 2026 तक आयोजित इस शिविर में छात्र-छात्राओं की उत्साहजनक सहभागिता निगम प्रशासन की सफलता का द्योतक है।प्रतिभा की पहचान, मंच का प्रावधान*
निगम प्रशासन का स्पष्ट अभिमत है कि प्रत्येक विद्यार्थी में कोई न कोई अंतर्निहित प्रतिभा अवश्य होती है, आवश्यकता है उसे पहचानकर उचित दिशा एवं मंच प्रदान करने की। इसी दूरदर्शी सोच के साथ ग्रीष्मावकाश की अवधि का सदुपयोग करते हुए विद्यार्थियों को खेल, कला, संगीत, संस्कृति एवं जीवन-कौशल के विविध आयामों से जोड़ने हेतु इस 11 दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है।

*विद्यालय बने ‘संस्कार एवं कौशल केंद्र’*

शिविर का संचालन नगर निगम के साधुराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, के.सी.एस. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं ए. रवीन्द्रनाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पूर्ण व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। प्रतिदिन प्रातःकालीन सत्र में विषय-विशेषज्ञों एवं राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

*शिविर के छठवें दिवस की गतिविधियां*

शिविर के छठवें दिवस भी प्रशिक्षण सत्रों में विद्यार्थियों का उत्साह चरम पर रहा। प्रथम वर्ग के तहत साधुराम स्कूल में खेल एवं शारीरिक दक्षता संवर्धन की गतिविधियों में प्रशिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में स्केटिंग, वॉलीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, कबड्डी एवं टेबल टेनिस जैसी खेल विधाओं का गहन अभ्यास कराया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में टीम भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं शारीरिक सुदृढ़ता का विकास करना है। जबकि के सी एस स्कूल में सृजनात्मक एवं बौद्धिक कौशल विकास की विभिन्न विधाओं पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट तथा कुकिंग के सत्रों में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता को मूर्त रूप दिया। शतरंज के प्रशिक्षण के माध्यम से उनमें तार्किक क्षमता एवं रणनीतिक चिंतन का विकास किया जा रहा है। सेल्फ डिफेंस के विशेष सत्र बालिकाओं में आत्मरक्षा के प्रति आत्मविश्वास जागृत कर रहे हैं। वही ए रविंद्र राव स्कूल में संगीत एवं सांस्कृतिक अभिरुचि संवर्धन अंतर्गत कत्थक, वेस्टर्न डांस, क्लासिकल म्यूजिक, गायन एवं वादन के प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं कलाओं से जोड़ते हुए उनकी अभिव्यक्ति क्षमता को निखारा जा रहा है। निगम प्रशासन द्वारा प्रत्येक विधा हेतु ख्यातिलब्ध प्रशिक्षकों की सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की रहे।

*आत्मविश्वास, अनुशासन और जिज्ञासा का संगम*

शिविर में सहभागी विद्यार्थियों में नई विधाओं को सीखने के प्रति असाधारण जिज्ञासा एवं उत्सुकता दृष्टिगोचर हो रही है। प्रशिक्षकों के अनुसार नियमित अभ्यास से बच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि, व्यवहार में अनुशासन तथा व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। यह शिविर निःसंदेह विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों हेतु तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

निगम प्रशासन द्वारा इस प्रकार के रचनात्मक आयोजनों के माध्यम से ‘स्कूल शिक्षा के साथ-साथ कौशल शिक्षा’ के शासन के संकल्प को धरातल पर उतारा जा रहा है। यह प्रयास निश्चित ही विद्यार्थियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा प्रदर्शन का सुअवसर प्रदान करेगा।

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