कटनी।शासकीय कन्या महाविद्यालय, में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत दिनांक 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विभिन्न व्यावहारिक एवं तकनीकी कौशलों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने तथा अपने व्यक्तित्व एवं दक्षताओं का विकास करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कौशल विकास से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, बल्कि आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है।
विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. अर्पित द्विवेदी ने छात्राओं को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण, स्टाइपेंड तथा रोजगार की संभावनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को शासन की विभिन्न कौशल विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में भीम बर्मन द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ तथा छात्राओं ने विषय से संबंधित जानकारी प्राप्त कर उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि विद्वान, स्ववित्तीय जनभागीदारी अतिथि विद्वान, अशैक्षणिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन कौशल विकास के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
विश्व युवा कौशल दिवस पर छात्राओं को कौशल विकास हेतु किया गया प्रेरित

