बेलगाम ऑटो पर कौन लगाएगा लगाम? बिना परमिट-फिटनेस और मनमाने रूट पर दौड़ रहे ऑटो पर उठे सवाल, बस ऑपरेटर संघ ने सख्त जांच अभियान की मांग की

कटनी। जिले में ऑटो संचालन की व्यवस्था को लेकर अब यातायात सुरक्षा और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि जिलेभर में बड़ी संख्या में ऑटो कथित रूप से बिना निर्धारित रूट, वैध परमिट, फिटनेस और जरूरी दस्तावेजों के संचालित हो रहे हैं। मनमाने तरीके से चल रहे इन वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है।
*एसोसिएशन के अध्यक्ष शुभप्रकाश मिश्र का कहना है* कि ऑटो के संचालन के लिए निर्धारित रूट और दूरी की सीमा होती है, लेकिन कई ऑटो इन नियमों की अनदेखी करते हुए जहां मर्जी वहां सवारियां लेकर पहुंच रहे हैं। आरोप है कि कुछ चालकों के पास वैध लाइसेंस तक नहीं हैं, जबकि वाहनों के परमिट, फिटनेस और अन्य दस्तावेजों की भी नियमित जांच नहीं हो रही है।

नाबालिगों के हाथ में ऑटो, सुरक्षा पर सवाल

ऑटो संचालन में नाबालिगों के शामिल होने की शिकायतों ने भी चिंता बढ़ाई है। बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और वैध लाइसेंस के वाहन चलाने की स्थिति में न केवल यात्रियों बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर वाहनों के साथ चालकों के दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की जरूरत है।
जिले में ऑटो से जुड़े आपराधिक घटनाक्रमों की खबरें सामने आने के बाद यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए केवल वाहन की जांच ही नहीं, बल्कि चालक का लाइसेंस, पहचान, वाहन का पंजीयन और परमिट सहित सभी वैधानिक दस्तावेजों का सत्यापन भी जरूरी है।

बस ऑपरेटर संघ ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

इन्हीं समस्याओं को लेकर कटनी बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर जिलेभर में संचालित ऑटो की व्यापक जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने परमिट, फिटनेस, बीमा, चालक का लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच के साथ नियम विरुद्ध संचालित वाहनों पर कार्रवाई की मांग रखी है।
एसोसिएशन के नसीम खान, मनोज चौरसिया, पंकज गुप्ता, रविन्द्र सिंह, गुल्लू शर्मा, राहुल सुहाने, मुन्ना तेजाब, रामजी पांडे, अमित दुबे, शिब्बू नायक, मनीष मिश्रा , अंकित मिश्रा,
का कहना है कि अनधिकृत ऑटो संचालन से बसों के यात्री प्रभावित होने के साथ बस संचालकों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। लेकिन मामला केवल व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि यात्री सुरक्षा और यातायात अनुशासन का भी है।

संयुक्त अभियान की जरूरत

अब जरूरत इस बात की है कि जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग आपसी समन्वय से जिलेभर में विशेष अभियान चलाएं। मार्ग, परमिट, फिटनेस, बीमा और लाइसेंस की जांच के साथ क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और बिना दस्तावेज संचालित वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई हो। नियमित और पारदर्शी जांच से ही ऑटो संचालन में मनमानी पर अंकुश लगाकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

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