कटनी। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर बुधवार को कटनी शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हरछठ (हलषष्ठी) का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपनी संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर व्रत रखा और विधि-विधान से हरछठ माता तथा भगवान बलराम का पूजन किया।
सुबह से ही शहर के विभिन्न मोहल्लों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने पूजन की तैयारियां शुरू कर दी थीं। पूजन स्थल पर मिट्टी से हरछठ माता की प्रतिमा एवं प्रतीक स्वरूप व्यवस्था कर पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने पारंपरिक पूजन सामग्री, पसई के चावल, सात प्रकार के अनाज सहित अन्य सामग्री अर्पित कर हरछठ की कथा सुनी। पूजा के बाद संतान की मंगलकामना करते हुए परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की गई।
हरछठ को हलषष्ठी, हलछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम को समर्पित है। माताएं संतान की रक्षा, दीर्घायु और खुशहाली की कामना से यह व्रत रखती हैं।
शहर के साथ ही कटनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने समूह में एकत्र होकर पूजा-अर्चना की और पारंपरिक तरीके से हरछठ माता की कथा का श्रवण किया। पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा।
शहर से ग्रामीण अंचलों तक श्रद्धा के साथ मनाया हरछठ पर्व माताओं ने संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना से रखा व्रत विधि-विधान से किया पूजन

