कटनी। आधुनिकता के दौर में भी भगवान श्रीराम के आदर्शों की प्रासंगिकता बनी हुई है। रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह बात पूर्व मंत्री एवं विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने गोलबाजार रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान कही।
शारदेय नवरात्र के अवसर पर गोलबाजार रामलीला मैदान पहुंचे विधायक संजय पाठक का रामलीला कमेटी के सदस्यों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान श्री पाठक ने श्रद्धालुओं के बीच बैठकर काफी देर तक रामलीला का मंचन देखा। एक आम दर्शक की तरह रामलीला देखने के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों बाद श्रद्धालुओं के बीच बैठकर मंचन देखने का अवसर मिला, जिससे उन्हें बेहद खुशी हुई।
विधायक श्री पाठक ने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमीन पर बैठकर रामलीला का आनंद लेते हैं। यह भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था और उनके आदर्शों से जुड़ाव को दर्शाता है। रामलीला के माध्यम से मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्श जीवन के संदेश जन-जन तक पहुंचते हैं।
उन्होंने कटनी में सवा सौ वर्षों से अधिक समय से चली आ रही रामलीला मंचन की परंपरा को निरंतर बनाए रखने के लिए गोलबाजार रामलीला कमेटी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य सराहनीय है। श्री पाठक ने कमेटी के सदस्यों को इस पुनीत कार्य के लिए साधुवाद देते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
कमेटी पदाधिकारियों सहित गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस अवसर पर गोलबाजार रामलीला कमेटी के सचिव भारत अग्रवाल, उपाध्यक्ष रवि खरे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं कमेटी अध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, शरद अग्रवाल, भाजपा सोशल मीडिया संयोजक सचिन तिवारी, जिला पंचायत सदस्य अखिल पांडे, पार्षद अवकाश जायसवाल, आशीष पाठक, अनुज तिवारी, गुड्डा जैन, रोहित सेन, अनुभव शुक्ला, मुकेश तिवारी, अंकुश रजक, तपन निषाद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं दर्शक उपस्थित रहे।
आधुनिकता के दौर में भी भगवान श्रीराम के आदर्श प्रासंगिक : संजय पाठक गोलबाजार रामलीला में श्रद्धालुओं के बीच बैठकर देखा मंचन, 125 वर्षों की परंपरा को जीवंत रखने वाली कमेटी की सराहना

