सफाई व्यवस्था और आवारा पशुओं के नियंत्रण में लापरवाही, निगमायुक्त ने सफाई संरक्षक को किया निलंबित सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित रहने और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर कार्रवाई, खिरहनी उपकार्यालय में किया गया संबद्ध

कटनी। नगर निगम की सफाई व्यवस्था, आवारा पशुओं के नियंत्रण और नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतना निगम कर्मचारी को भारी पड़ गया। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने कार्यों में उदासीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए सफाई संरक्षक दीपक मलिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें जोन कार्यालय क्रमांक-03 के खिरहनी उपकार्यालय में संबद्ध किया गया है।
नगर निगम प्रशासन द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार, दीपक मलिक को नगर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के नियंत्रण के साथ आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए हांका गैंग, अमीरगंज गौशाला और झिंझरी स्थित कांजी हाउस का प्रभार सौंपा गया था। इसके बावजूद शहर के सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी बनी रही। सफाई व्यवस्था से संबंधित शिकायतों के निराकरण में भी अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई।
शिकायतों के निराकरण में बरती गई उदासीनता
नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और आवारा पशुओं से संबंधित समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं। समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में प्रकाशित शिकायतों के निराकरण में भी कर्मचारी द्वारा अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई। वहीं, सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर आवारा पशुओं और साफ-सफाई से संबंधित बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित रहने से नगर निगम की ग्रेडिंग भी प्रभावित हुई।
प्रशासन ने इसे नागरिकों की समस्याओं के प्रति उदासीनता और सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना है।
नोटिस की अनदेखी भी पड़ी भारी
कार्यालय द्वारा संबंधित कर्मचारी को पूर्व में कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बावजूद निर्धारित निर्देशों के अनुरूप जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। कार्यों में लापरवाही के साथ नोटिस की अनदेखी को भी निगम प्रशासन ने गंभीरता से लिया और निलंबन की कार्रवाई की।
इसके अलावा अमीरगंज गौशाला एवं झिंझरी स्थित कांजी हाउस में साफ-सफाई और पशुओं के समुचित रखरखाव की जिम्मेदारी के निर्वहन में भी अपेक्षित गंभीरता का अभाव पाया गया।
सेवा नियमों के तहत हुई कार्रवाई
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने संबंधित कर्मचारी के कृत्यों को कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुविधाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों की अनदेखी, अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और कार्यों में उदासीनता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enjoy this blog? Please spread the word :)