कटनी उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कन्या महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं मार्गदर्शन हेतु तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम (1 जुलाई से 3 जुलाई 2026) का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस, 2 जुलाई को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नवप्रवेशित छात्राएँ एवं महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापक उपस्थित रहे।
दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न विभागों, उपलब्ध सुविधाओं तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं का महाविद्यालय परिवार की ओर से तिलक लगाकर एवं पुष्पमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक श्री के.जे. सिन्हा, सह-संयोजक डॉ. अर्पित द्विवेदी सहित समस्त प्राध्यापकों ने छात्राओं का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने छात्राओं को महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा संचालित गतिविधियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही प्रथम दिवस पर पूर्ण गणवेश में उपस्थित छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए डॉ. सुनील कुमार ने नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों, बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. आर.के. गुप्ता एवं डॉ. वीणा सिंह ने छात्रवृत्ति योजनाओं, उनकी पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए छात्राओं को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में डॉ. विमला मिंज ने कहा कि विद्यालयी शिक्षा से महाविद्यालयीन जीवन में प्रवेश छात्राओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने छात्राओं से आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने तथा नई चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकार करने का आह्वान किया।
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. रोशनी पाण्डेय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व, उसकी समृद्ध विरासत एवं वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को अपने विषयों के अध्ययन के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। वहीं डॉ. रीना मिश्रा ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं से सामाजिक सेवा, नेतृत्व क्षमता एवं सामुदायिक विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं कुशल संचालन डॉ. रोशनी पाण्डेय द्वारा किया गया। दीक्षारंभ कार्यक्रम का यह आयोजन नवप्रवेशित छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं उत्साहवर्धक रहा, जिसने उन्हें महाविद्यालयीन जीवन के प्रति आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

