कटनी। गुरु केवल ज्ञान के दाता ही नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करने वाले परम पथप्रदर्शक होते हैं। गुरु पूर्णिमा महापर्व के पावन अवसर पर पूरे जिले में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। मंदिरों, आश्रमों एवं धार्मिक स्थलों पर गुरु-शिष्य परंपरा का दिव्य संगम साकार हुआ, जहां शिष्यों ने अपने गुरुओं का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इसी क्रम में श्री श्री 1008 दक्षिण मुखी बड़े हनुमान जी मंदिर, कमानिया गेट में गुरु पूर्णिमा महापर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने भगवान श्रीराम के परम भक्त श्री हनुमान जी महाराज के दर्शन-पूजन कर जीवन में सदैव धर्म, सत्य और सद्मार्ग पर चलने की प्रार्थना की।
गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर मंदिर के प्रमुख पूज्य श्री आनंद जी महाराज का उनके शिष्यों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का यह भाव उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायी रहा।
अपने आशीर्वचन में पूज्य श्री आनंद जी महाराज ने कहा कि गुरु ही वह शक्ति हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलाते हैं। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन सफल, सार्थक और कल्याणकारी बनता है।
कार्यक्रम के उपरांत महाराज श्री ने अपने शिष्यों एवं श्रद्धालु भक्तों को भोग-प्रसाद वितरित कर आशीर्वाद प्रदान किया। मंदिर परिसर में कढ़ी-चावल के विशेष भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं आस्था के साथ प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
गुरु पूर्णिमा का यह महापर्व एक बार फिर यह संदेश दे गया कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही शिष्य के जीवन को ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करते हैं। पूरे जिले में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाए गए इस पावन पर्व ने गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और सनातन संस्कृति की अमूल्य विरासत को पुनः जीवंत कर दिया।
गुरु पूर्णिमा महापर्व पर उमड़ा आस्था का सैलाब, दक्षिण मुखी बड़े हनुमान मंदिर में गुरु-शिष्य परंपरा का दिव्य उत्सव

