कटनी। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला शाखा कटनी ने मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में भोजन बनाने वाली रसोइया बहनों के लंबित मानदेय भुगतान को लेकर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संघ ने रसोइया बहनों एवं मध्यान्ह भोजन संचालित करने वाले स्व-सहायता समूहों को प्रत्येक माह समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
संघ के मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र को शुरू हुए लगभग चार माह बीत चुके हैं, लेकिन रसोइया बहनों के मानदेय का भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों ने जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी से चर्चा कर शीघ्र भुगतान की मांग की।
चर्चा के दौरान सीईओ ने बताया कि जुलाई माह के मानदेय भुगतान की राशि बैंकों को भेज दी गई है तथा शेष माहों की राशि का भुगतान भी इसी माह के अंत तक कर दिया जाएगा। उन्होंने समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के संबंध में आश्वासन दिया। संघ ने इस पहल के लिए सीईओ के प्रति आभार व्यक्त किया।
आठ वर्षों से समयमान वेतनमान का मामला लंबित
इसी क्रम में संघ के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान ढीमरखेड़ा तहसील में पदस्थ एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को समयमान वेतनमान का लाभ दिलाने की मांग उठाई गई।
संघ ने बताया कि संबंधित कर्मचारी का प्रकरण लगभग आठ वर्षों से लंबित है। विभागीय डीपीसी नहीं होने के कारण कर्मचारी को समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने इसे कर्मचारी हितों के प्रतिकूल बताते हुए शीघ्र निराकरण का अनुरोध किया। कलेक्टर ने मामले का जल्द निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके, उप प्रांताध्यक्ष अजय गौतम, नीलेश पौराणिक, उपाध्यक्ष एवं रसोइया प्रकोष्ठ अध्यक्ष रत्ना ठाकुर, सदस्य भागीरथ तिवारी, बालकदास, नरेश राठौर, ललिता चौधरी, दयाशंकर साकेत सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
चार माह से लंबित मानदेय भुगतान का मुद्दा उठा, जुलाई माह की राशि भेजी गई बैंकों को

