*दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतना एवं निर्धारित अर्हताओं व नियुक्ति की शर्तों का पालन नहीं करना पड़ा भारी निगम में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 श्री दीपक दुबे की सेवाएं हुई समाप्त, निगमायुक्त ने जारी किया आदेश*

कटनी। पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने तथा शासकीय कार्यों के निर्वहन के दौरान निरंतर मिल रही शिकायतों सहित शासकीय सेवाओं में निर्धारित अर्हताओं एवं नियुक्ति की शर्तों का समय-सीमा में पालन नहीं करने के मामले को निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने गंभीरता से लेकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए नगर निगम के राजस्व विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत दीपक दुबे के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।

*दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही*

श्री दुबे द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में निरंतर लापरवाही बरतने के कारण कार्यालयीन कार्य प्रभावित हो रहा था तथा इनके विरुद्ध निरंतर शिकायतें प्राप्त हो रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय समय पर चेतावनी दिए जाने के पश्चात भी इनकी कार्यशैली में सुधार परिलक्षित नहीं हुआ।

*तीन वर्ष में प्रस्तुत करना था प्रमाण पत्र*

निगमायुक्त सुश्री परिहार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्री दुबे को अनुकंपा नियुक्ति के दौरान निर्धारित शर्त के तहत तीन वर्ष की अवधि में सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य था। निर्धारित अवधि में परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने पर उन्हें नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। इसके बाद भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए एक वर्ष का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया, लेकिन इस अवधि में भी वे सीपीसीटी उत्तीर्ण करने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके।

*अंतिम अवसर के बाद भी प्रस्तुत नहीं किया प्रमाण पत्र*

आदेश के अनुसार,श्री दुबे को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी करने के साथ जवाब प्रस्तुत करने एवं सुनवाई के पर्याप्त अवसर दिए गए। यहां तक कि अगस्त 2026 में हुई सुनवाई के दौरान सितंबर माह में आयोजित सीपीसीटी परीक्षा में सम्मिलित होकर उत्तीर्ण होने तथा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर भी दिया गया। इसके बावजूद निर्धारित प्रक्रिया एवं अतिरिक्त अवसरों के बाद भी परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण-पत्र कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।

*अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों का उल्लंघन*

निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने श्री दीपक दुबे के इस कृत्य को अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों का पालन नहीं किया जाना मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम 1961 के नियम 8(5) के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enjoy this blog? Please spread the word :)