*निगमाध्यक्ष मनीष पाठक ने नवीन भवन निर्माण, पेवर ब्लॉक, बाउंड्रीवॉल एवं पंप हाउस के पुनर्निर्माण हेतु शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश जर्जर शाला भवन का होगा कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा विद्यालय परिसर – निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने किया निरीक्षण*

कटनी। नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने मदन मोहन चौबे वार्ड स्थित स्वर्गीय श्री बी.जी. अग्निहोत्री शासकीय प्राथमिक शाला परिसर का निरीक्षण कर विद्यालय की जर्जर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं विद्यालय परिसर के समुचित विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

निगम अध्यक्ष श्री पाठक ने मौके पर उपस्थित सहायक यंत्री आदेश जैन एवं उपयंत्री शैलेन्द्र प्यासी को विद्यालय के जर्जर शाला भवन एवं जो क्षतिग्रस्त हो कर गिर गया है के स्थान पर नवीन भवन निर्माण तथा संपूर्ण परिसर में आधुनिक पेवर ब्लॉक लगाए जाने के लिए अति शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय भवन की कक्षाओं में वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप टाइल्स सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं व्यवस्थित रूप से विकसित करने की बात भी कही, ताकि छात्रों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त शौचालय निर्माण कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सुव्यवस्थित शौचालय का निर्माण भी प्रस्ताव में शामिल किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें।

इसके साथ ही विद्यालय परिसर में स्थित पानी की टंकी के नीचे बने जर्जर पंप हाउस के पुनर्निर्माण के संबंध में सहायक यंत्री मृदुल श्रीवास्तव से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। परिसर की बाउंड्रीवॉल भी काफी जर्जर अवस्था में होने के कारण उसके पुनर्निर्माण को भी तैयार किए जाने वाले प्रस्ताव में शामिल करने के निर्देश दिए।

निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में विद्यालय परिसर में निर्मित भवन अत्यधिक जर्जर होने के कारण गिर चुका है, जिसके चलते वर्तमान में केवल दो कक्ष ही शेष हैं, जहां विद्यार्थियों का अध्यापन कार्य संचालित किया जा रहा है। इन कक्षों की स्थिति भी काफी जर्जर है, जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधायुक्त वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। विद्यालय भवन केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इसलिए शाला भवन का नवीन निर्माण एवं परिसर का व्यवस्थित विकास अत्यंत आवश्यक है।

श्री पाठक ने कहा कि हमारा प्रयास है कि शहर के शासकीय विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य से विद्यालय परिसर के समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार कराते हुए निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

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