कटनी। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला शाखा कटनी द्वारा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों को लेकर बुधवार 4 नवंबर को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन भोपाल के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन तहसीलदार आशीष चतुर्वेदी को सौंपा गया।
संघ के जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके एवं मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय ने बताया कि ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, स्थाईकर्मी, अंशकालीन कर्मचारी, रसोईया बहनें एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है।
संघ की प्रमुख मांगों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का ग्रेड-पे 1800 रुपये निर्धारित करने तथा मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग शामिल है। इसके अलावा स्थाईकर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने, मृत स्थाईकर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने तथा विभिन्न विभागों में कार्यरत अंशकालीन कर्मचारियों को न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग की गई।
ज्ञापन में रसोईया बहनों एवं स्व सहायता समूहों को तीन माह का लंबित मानदेय दीपावली के पूर्व भुगतान करने, कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना शीघ्र लागू करने तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं एवं लाभ प्रदान करने की मांग भी रखी गई। इसके साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान दीपावली बोनस देने, वेतन विसंगतियां दूर करने तथा कटनी जिले के सभी विभागों में विभागीय एवं जिला स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री बैठकों का नियमित आयोजन कराने की मांग की गई।
इस अवसर पर संघ के उप प्रांताध्यक्ष अजय गौतम सहित सौरभ सिंह, राकेश जसूजा, हरीश बेन, नीलेश पौराणिक, भागीरथ तिवारी, बाबूलाल अहिरवार, रामावतार, अजीमुद्दीन शाह, विश्वकर्मा, दीपक चंदवानी, बालकदास, नरेश राठौर, रत्ना ठाकुर, जमुना महतो, अर्चना सेन, खुशबू, ललिता चौधरी, राकेश पांडेय, रामलोचन यादव, राघवेंद्र श्रीवास्तव, दयाशंकर साकेत, बबलू चौधरी, ऊषा, ज्योति, साधना, गिरिजा बाई, दुर्गेश, विमला, रेनू रजक, सुधा, रामसखी, बबीता, इंद्रा, शोभा, ममता, रजनी, रागिनी, सपना, दुर्गा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
महंगाई भत्ता 63 प्रतिशत करने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी संघ ने सौंपा ज्ञापन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का ग्रेड-पे बढ़ाने, रसोईया बहनों के तीन माह का मानदेय भुगतान और आउटसोर्स कर्मचारियों को सुविधाएं देने की मांग

